Tuesday, 25 August 2015

A BEAUTIFUL NAAT SHARIF: Itna kaafi hai zindagi ke liye Rakh lein Aaqa jo naukri ke liye

Itna kaafi hai zindagi ke liye
Rakh lein Aaqa jo naukri ke liye
Itna kaafi hai zindagi ke liye
Rakh lein Sarkar chaakri ke liye

Takk unko Ayyub ke ghar mein
Mahel tarse hain jhomprri ke liye

Itna kaafi hai zindagi ke liye
Rakh lein Aaqa jo naukri ke liye

Aagaye qabr mein bhi churrwaane
Dard kitna hai ummati ke liye

Itna kaafi hai zindagi ke liye
Rakh lein Aaqa jo naukri ke liye

Lambe sajde kiye Nabi ne kaha
Aye Nawaase teri khushi ke liye

Itna kaafi hai zindagi ke liye
Rakh lein Aaqa jo naukri ke liye

Chaand taare bhi Unke qadmon mei
Roz aate hain roshni ke liye

Itna kaafi hai zindagi ke liye
Rakh lein Aaqa jo naukri ke liye

Doobe suraj ko phirse palltaya
Apne pyare Maula Ali ke liye

Itna kaafi hai zindagi ke liye
Rakh lein Aaqa jo naukri ke liye

Khud darakht bhi jarrein ukhare
Aate hain paas Unke haazri ke liye

Itna kaafi hai zindagi ke liye
Rakh lein Aaqa jo naukri ke liye

Mehfil-e-amaad sajji rahe ta umar
Iltija yehi hai zindagi ke liye

Itna kaafi hai zindagi ke liye
Rakh lein Aaqa jo naukri ke liye

Aye kash aaye woh maqaam bhi
Jiyein bas ham Aaqa ki ashiqui ke liye

Itna kaafi hai zindagi ke liye
Rakh lein Aaqa jo naukri ke liye

Deed maangi hai Unki aye Haakim
Maine bass waqt-e-aakhri ke liy

Itna kaafi hai zindagi ke liye
Rakh lein Aaqa jo naukri ke liye
Itna kaafi hai zindagi ke liye
Rakh lein Sarkar chaakri ke liye

Sunday, 23 August 2015

Operation Research

Hi friends!!!

   Today let's discuss about topic LINEAR PROGRAMMING PROBLEMS of operation research (OR)

There are 3 methods to solve it
1) simplex method
2) big M method
3) graphical method
 

~> Today we will discuss about simplex method. In this method, objective function is given which is subjected to some equations wich are '<= 'type  equations..

~»steps to solve LPP problems:

->  convert  given equations (<= type) in stadard form ( means convert <= into =)
By introducing slack variable S)

Example: if give equation is       2x+5y+6z  <=  5 .... then it will be converted into.   2x+5y+6z+S = 5

-> after convert all eqation in stadard form tabulate em and solve prblm. And how to tabulate em is a different point to discuss.. maybe later

Saturday, 22 August 2015

Importance of NAMAZ(SALAH)

हज़रते बखतियार काकी रहमतुल्लाह अलैह फरमाते है हम लोग हज़रते ख्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैह कि मजलिस मे बैठे हुवे थे कि दुआ और नमाज़ के बारे मे बात निकली तो आप हजरत ख्वाजा मोऊनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह ने फरमाया कि सुनो मै एक दिन बगदाद के एक सेहरा से गुज़र रहा था तो मुझे एक पहाङ पर एक गार (गुफा) दिखाई दि मे उस गार मे पहुचा तो देखा कि एक बुज़ुर्ग अल्लाह कि ईबादत मे मशगुल है वो नमाज़ पढ रहे थे और इस कदर खुशु और खुज़ु और इस कदर अच्छे अन्दाज़ मे नमाज़ पढ रहे थे कि मे उनकी नमाज़ को देखने लगा बहुत देर तक वो नमाज़ मे खङे हो कर तिलावत करते रहे फिर बङी देर उन्होने रूकु किया फिर बङी देर तक सज्दा किया यानी बहुत अच्छी नमाज़ पढी फिर सलाम फेर कर अपने पास रखा एक काला कपङा उठा कर अपने मुह पर डाल लिया और दुआ करने लग गए और इस कदर रोते हुवे दुआ मे अर्ज़ करते या अल्लाह मे उस तरीके से नमाज़ नही पढ पाया जिस तरह पढने का हक था या अल्लाह तु अपने करम से बस मेरी नमाज़ को कुबुल कर ले, ,,,,,,फिर वो बुज़ुर्ग दुआ से फारीग हो कर मेरी तरफ मुतवज्जेह हुवे और कहाँ ऐ मोईनुद्दीन नमाज़ के बारे मे अल्लाह से डर और नमाज़ को उसके वक्त पर अदा कर और उसको उसके हक पर अदा कर यानी खुशू और खुज़ु के साथ दिल लगा कर नमाज़ पढ सही तरीके से नमाज़ मे तिलावत कर सही तरीके रुकू कर सही तरीके से सज्दा कर और नमाज़ का हक अदा कर जब बन्दा नमाज़ को उसके वक्त पर और सही तरीके से अदा करता है तो ये नमाज़ को फरिश्ते बहुत हि अच्छे कपङे मे लपेट कर आसमान कि ओर ले जाते है यहाँ तक कि उस नमाज़ के लिये आसमान के दरवाज़े खोल दिये जाते है और वो अर्श तक पहुच जाती है और अल्लाह कि बारगाह मे दुआ करती है या अल्लाह इस नमाज़ी को जिसने मुझे सही तोर से अदा करके मुझे आबाद किया तु इस नमाजी को भी आबाद कर दे,,,,,,लेकिन जो बन्दा नमाज़ को सुस्ती से और सही तोर से अदा नही करता तो फरिश्ते उस नमाज़ को बङे हि बोसीदा कपङे मे लपेट के आसमान कि ओर ले जाते है यहाँ तक कि उस नमाज़ के लिये आसमान के दरवाज़े भी नही खोले जाते और अल्लाह कि तरफ से एलान होता है कि इस नमाज़ को उस नमाज़ी के मुह पर मार दो फिर वो नमाज़ उस नमाज़ी के लिये जिसने उसे तोर से और सही वक्त पर अदा ना किया था बद्दुआ करती है कि या अल्लाह इस को बरबाद कर दे जिस तरह इस शख्स ने मुझे बरबाद किया फिर वो बुज़ुर्ग फरमाने लगे ए मोइनुद्दिन इसलिये मे अल्लाह से शरमा के अपने मुह पर कपङा डाल लेता हु कि पता नही मेने नमाज़ का हक अदा किया कि नही और दुआ करता हु कुबुल कर ले ,,,,,,फिर हज़रते बख्तियार काकी रहमतुल्लाह अलैह फरमाते है कि हजरत ख्वाजा मोईनुद्दिन रहमतुल्लाह अलैह इतना फरमा कर सर झुका कर रोने लगे तो हम भी रोने लगे फिर आपनॆ सर ऊठाया और फरमाया ऐ लोगो नमाज़ के बारे मे अल्लाह से डरो और नमाज़ को उसके वक्त पर अदा करो और सही तरीके से अदा करो कल कियामत मे सबसे पहले नमाज़ का हिसाब होगा जो इसमे कामियाब हो गया वो निजात पा गया और जो इसमे ना कामियाब हुवा वो हलाक हो गया इसलिये नमाज पढो और अपने रब से खुब मुनाजात (यानी दुआ) करो (फैजाने चिश्त सफा 198)

फलसफा- वो बुजुर्ग जो इतनी अच्छी और सही तोर से नमाज़ अदा कर रहे थे फिर भी अल्लाह से डर कर रो रो के नमाज़ के कुबुल होने कि दुआ करते हे और एक हम है कि टूटी फुटी पढते वो कभी -कभी या जुम्मे को उसके बावजुद हमे अपनी नमाज़ के कुबुल होने कि रो के गिङगिङा के दुआ मागने कि फुर्सत नही और ये सब बाते भी उन लोगो के लिये हमारे बुजुर्ग बता रहे जो नमाज़ को अपने वक्त पर सही तोर से अदा नही करते उन लोगो का (अल्लाह रहम करे) पता नही क्या हाल होगा जिन्हे नमाज़ कायम करने कि फुर्सत नही ,,,,,,

दुआ -या अल्लाह इन सारी बातों पर सबसे पेहले मुझे अमल करनेकी तौफीक अता फरमा
या अल्लाह हमारी नमाज़ कि कोताहियो को माफ कर दे और हमे सच्चा व पक्का नमाज़ी बना दे...!!

आमिन 
सुम्मा आमीन

How arabs took rule of SOUDI ARABIA(UAE) from turkeys

अहले सुन्नत व जमाअत की मस्ज़िद के बहार कहीँ
कही लिखा मिलता है की
इस मस्ज़िद में "वहाबी,
देवबंदी, अहले हदिस, को नमाज़ पढ़ना मना है।"

👉क्यों ❓
" जब अरब शरीफ में तुर्की सुन्नी मुसलमानों की
हुकूमत थी, तब उस समय क़ाबा शरीफ में बहुत माकूल
इंतज़ाम था नमाज़ के लिए। चारों इमामों को
मानने वालों के लिए। चारों मज़हब के इमाम के
चार मुसल्ले लगवाए हुए थे।
मजहबे हम्बली, हनफ़ी,
मालकी, साफई, और उस वक़्त में सब अपने अपने
ईमाम के पीछे नमाज़ पढ़ते थे , और कोई भी मसला
भी नही होता था।
तुर्किय हुकूमत "अहले सुन्नत व
जमाअत" के अक़ाएद के थे।

मगर 12 वीं सदी हिजऱी
में फित्नाये "वहाबियत" (उर्फ़ शैतानियत) का आगाज़ हुआ। "आले
सऊद और आले शैख़ ये दोनों ने मिलकर, क़त्लेआम और
कोहराम मचा के जबरदस्ती तुर्कियों से खून खराबा
कर के हुकूमत छीनी।
"आले सऊद" जिसकी हुकमत है अरब शरीफ में, ये इतना बड़ा फितनागड़ हुआ की
इसने अरब शरीफ का नाम अपने खानदानी "सऊद" के
नाम से आगाज़ करवाया। जब की  हमारे प्यारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम , और सारे साहबे कराम ने भी नाम
में बदलाव नही किये मगर इन खबीस वहाबियों ने किया।

"अब आले शैख़" जो की "अब्दुल वहाब नज़दी के औलाद है।
इनलोगों ने मक़्क़ा शरीफ और मदीना शरीफ पर
हमला करने से पहले एक मुआहेदा किया की जब
हमारी हुक़ूमत आ जायेगी तब, आले सऊद बादशाहियत करे और आले शैख़ सारे मज़हबी
मामलात को देखेंगे, मस्ज़िद, ईमामत, ईमाम, मदरसे,
मुफ़्ती, मुहद्दिस, मुज़द्दिद, और दीगर मज़हबी
मामलात को देखेंगे।

ये मुआहेदा होने के बाद 200
लोगों के साथ इन मरदुदो ने मक़्क़ा शरीफ और मदीना शरीफ पर
हमला किया। और मस्जिदे-नबी के ईमाम को मुसल्ले पर ही तलवार से क़त्ल किया,
मगर
तुर्की हुकूमत ने हथियार डाल दिए ये कह कर की हम
"हरमे रसूल" में क़त्ल नही करेंगे और खुद क़त्ल हो गए
मगर दिफा न किया .क्यों के ये लोग दीनदार और पक्के सुन्नी थे।

और इस तरह से वाहबिया हुकूमत शुरू हुई। इनकी हुकूमत में सबसे पहला जो काम किया
गया वो था, "जन्नतुल बक़ी और जन्नतुल माला" के
तमाम मज़ारों और क़ब्रों को जमींबोस किया (तोड़ दिया)।
जन्नतुल बक़ी के मज़ारों पर बुलडोज़र चलवाया,
फावरों और गेती से अहले बै'अत के कब्रों को उखाड़
फेंका
और उस वक्त जन्नतुल बक़ी में "हज़रते उस्मान रदियल्लाहो अन्हो का बहुत ही शानदार मज़ार था जिसे इनलोगों उखाड़ फेका, हत्ता के सारे
सहाबा-ए-कीराम की कब्रे मुबारक को जमींबोस
किया।

और उस वक़्त के नज़दी "गुम्बदे खीज़रा" को सबसे बड़ा "बूत-खाना" मानते थे और आज भी उनकी औलाद है जिनका भी यही अक़ीदा है।

मगर
उस वक़्त अल्लाह ताआला का खास करम हुआ अपने
महबूब के रौज़ए अक़दस पर की ये जालिम लोग
"गुम्बदे-खिज़रा" को गिराने में कामयाब ना हुए।
और
ये लोग "अहले सुन्नत व जमाअत" को मुश्रिक़ समझते
थे और आज भी समझते है, हालांकि वो खुद ही क़ाफ़िर और जहन्नमी है.

अब
फैसला आप के हाथ में है, क्या ऐसे क़ातिल और गुस्ताखे रसूल, वहाबी-नज़दी काफिरो  और इनके मानने वाले को अपनी सुन्नी मस्ज़िदो में नमाज़ पढ़ने देना चाहिए ?
जो हमारे बुजुर्गों के क़ातिल है।

Wednesday, 12 August 2015

colour of water

Yeah!!! Hurrrrrreeeee!!!
        Guys ,i have just found what is color of water???!!!!!!

        IT'$ BLACK!!!!
       I know u r all thinking that i m crazy. But i can prove this.. yeah i know what are u thinking!!!..  ok i don't have any practical or theoratical proof... but i do have a logical proof.
let's see



      First of all what is black colour??? People black is not a colour as u think bt it is absense of colour!!... when u remove all colours even white from any think u will find a black surface.


    Now, if u add any colour in black colour  then there is neither  combination  nor black color, but colour u will get is a colour u jave added, doesn't water has this ability???



Huhhhhhh bt what to do
  I M MANGOMAN (ordinary man)AND I DON'T KNOW ANYTHING(thoughts of ppl who r not mango man)

STUPID QUESTIONS OF MANGO MAN

1) 21 july,1969 Neil Armstrong was first man who put foot on lunar surface.. now question        we have more advance technology now so why r noone is going to moon???.

2) Scintifically earth is rotating on its axis then what factor is responsible to rotate earth??

3)All animals have their specific mating period. And as scientists say humanbeing are one       type of animal(social animal) Then why don't we have one??

4)why all genius and legendary people of world are dumb in their school????

5)how sun make our skin darker?

6)why light reflects ???

7)what is speed of sme like light and voice???

what is suspension???

This is mangoman' blog..
 So we don't go in some scintific bullshit to understand this topic
We just go in MANGOMAN'$ WAY.



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                            A similar word of SUSPENSION can be take as COMFORT..
                            SUSPENSION is provided in automobile for absorbing vibration which occurs when vehicle is travelling on uneven surface..

THIS IS ONLY SIMPLE UNDERSTANDING OF SUSPENSION OR MEANING OF SUSPENSION






"I M A MANGOMAN(ORDINARY MAN) AND I DON'T KNOW ANYTHING.. "